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संपादकीय : विसंगति की समाप्ति

संपादकीय : विसंगति की समाप्ति

सुप्रीम कोर्ट ने दूरगामी महत्व का फैसला दिया है। इससे बच्चों को यौन अपराधों से बचाने का कानून अधिक सुसंगत बनेगा। साथ ही बाल विवाह के प्रचलन के कारण समाज में जारी विसंगति पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। यौन अपराधों से बाल संरक्षण अधिनियम-2012 (पॉस्को) के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की के साथ यौन संबंध बनाना संगीन जुर्म है। लेकिन यदि वह लड़की विवाहित हो और 15 साल की हो चुकी हो तो उसके पति को उसके साथ ऐसा रिश्ता बनाने की छूट मिल जाती थी। यह एक अवांछित विसंगति थी। अगर 18 साल की आयु तक कोई लड़की यौन संबंध की सहमति देने योग्य नहीं मानी जाती तो फिर उसके विवाहित हो जाने से भी इस हकीकत पर कोई फर्क
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