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यूपी में स्कूलों पर कसा शिकंजा, नहीं वसूल सकेंगे मनमानी फीस

यूपी में स्कूलों पर कसा शिकंजा, नहीं वसूल सकेंगे मनमानी फीस

छात्रों से ली जाने वाली फीस को दो वर्गों में बांटा गया है-अपेक्षित शुल्क और ऐच्छिक फीस। अपेक्षित शुल्क के तहत विवरण पुस्तिका व पंजीकरण शुल्क प्रवेश शुल्क और संयुक्त वार्षिक ट्यूशन फीस शामिल होगी। प्रवेश शुल्क स्कूल में नए प्रवेश के समय तथा कक्षा आठ से नौ तथा दसवीं से ग्यारहवीं में जाने पर लिया जाएगा। संयुक्त वार्षिक ट्यूशन फीस हर साल दी जाने वाली वार्षिक फीस होगी। ऐच्छिक फीस के तहत विभिन्न क्रियाकलापों और स्कूल की ओर से दी गईं सुविधाओं के लिए देय शुल्क शामिल होगा। इसमें आवागमन बोर्डिंग व भोजन की सुविधाओं शैक्षिक भ्रमण स्थानीय दौरा तथा अन्य क्रियाकलापों के लिए निर्धारित
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