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अनोखा है यह सैनेटरी नैपकिन बैंक

अनोखा है यह सैनेटरी नैपकिन बैंक

ø सैनिटरी नैपकिन बैंक में गरीब और वंचित महिलाओं को बेहद कम कीमत पर मिलती है नैपकिन ø आंकड़े बताते हैं कि बिहार में 83-87 प्रतिशत महिलाएं नैपकिन की जगह कपड़े का करतीं हैं इस्तेमाल इससे रहता है ओवरी के कैंसर का खतरा। ø इस बैंक की बनती है पासबुक जिससे हर महीने नैपकिन ले सकती हैं महिलाएं ø अमृता सिंह और पल्लवी सिन्हा की है ये अनोखी शुरुआत जागरण संवाददाता पटना : इक्कीसवीं सदी में भी माहवारी लोगों के लिए हौव्वा है। महिलाएं भी दबी जुबान ही इस विषय पर बात करती हैं। आंकड़ों की मानें तो बिहार में 83-87 प्रतिशत महिलाएं सैनेटरी नैपकिन के बारे में जानती तक नहीं हैं। सैनेटरी नैपकिन के प्रति जागरूकता
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