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मात्र 8 साल की उम्र में बालिका वधू बनी रुकमणि पन्नू यदि कुछ और साल जी गयीं तो वह 7वीं पीढ़ी का मुंह भी देख लेंगी। जिन्दगी के 106 वसंत देख चुकी बुजुर्ग रुकमणि पन्नू का 37 सदस्यों का भरा-पूरा परिवार है। पानीपत के बांध गांव में 1911 में जन्मी रुकमणि की बाल्यवस्था में ही जलियावालां बाग कांड के वर्ष 1919 में बिचपड़ी गांव के रिसाल सिंह पन्नू की जीवनसाथी बन गयीं। 1934 में पहला बेटा केदार 
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