बड़ी खबरें

आइसीजे के फैसले पर कहीं गणेश वंदना तो कई जगहों पर फूटे पटाखे

जाधव का शुरूआती जीवन परेल इलाके में बीता। परिजनों के साथ वह पुलिस क्वार्टर में रहा करते थे। किंग जार्ज स्कूल के बाद वह रुइया कॉलेज में गए और उसके बाद पुणे के खड़कवासला स्थित नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए) में पहुंचे। पाक की कैद में आने से पहले तक जाधव का परिवार पवई के सिल्वर ओक अपार्टमेंट के पांचवे तल पर रहा करता था। अब फिलहाल यहां ताला लटका है। परिवार कहीं और रह रहा है। फैसला आने के बाद अपार्टमेंट के बाहर लोगों को हुजूम एकत्र हो गया। नारेबाजी व जयघोष के बीच जमकर पटाखे फोड़े गए। लोअर परेल में उनके बचपन के दोस्त तुलसीदास पवार ने कहा कि सत्य जीता है। यहां की पृथ्वीनंदन सोसायटी में
www.jagran.com
पूरी स्टोरी पढ़ें »


सबसे लोकप्रिय

©Copyright Indicus Netlabs 2017. Raftaar ® is a registered trademark of Indicus Netlabs Pvt. Ltd.