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84 लाख का पैकेज छोड़ बच्चों को बना रहे संस्कारी

84 लाख का पैकेज छोड़ बच्चों को बना रहे संस्कारी

रामकृष्ण मुले इंदौर। बच्चों के चरित्र निर्माण का ऐसा जुनून छाबड़ा दंपती पर चढ़ा कि अमेरिका में 84 लाख रुपये का सालाना पैकेज छोड़कर बच्चों को जैन धर्म और संस्कारों की शिक्षा देने में जुट गए। बच्चों के चरित्र निर्माण के लिए अपने देश लौटकर पहले उन्होंने खुद संस्कृत के साथ अन्य दर्शन की शिक्षा ली। इसके बाद जैन धर्म के हर पहलू से रूबरू कराने वाला एक सॉफ्टवेयर बनाया। उनके इस काम में करीब 150 लोग सहभागी बनें।इसके बाद शुरू हुआ इंदौर सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर बच्चों के चरित्र निर्माण का सिलसिला जो आज भी जारी है। जिस भी शहर में वे जाते हैं वहां लोगों से संपर्क साधकर शिविर
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