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वो औरतें परिवार के साथ क्यों नहीं खातीं?

वो औरतें परिवार के साथ क्यों नहीं खातीं?

फ्रीडम फ्रॉम हंगर इंडिया ट्रस्ट और ग्रामीण फाउंडेशन की राजस्थान पोषण परियोजना की वंदना मिश्रा कहती हैं "कई बार ऐसा होता है कि महिलाएं खाने बैठती हैं और भोजन पर्याप्त नहीं होता"वंदना बताती हैं कि राज्य के बांसवाड़ा और सिरोही ज़िलों में मार्च 2015 में 403 ग़रीब आदिवासी महिलाओं पर सर्वे किया गया जिसमें एक ही घर में दो अलग-अलग चीजें देखने को मिलीबांसवाडा में परियोजना के प्रबंधक रोहित समारिया ने बीबीसी को बताया "पुरुषों का कहना था कि उन्हें काम पर और बच्चों को स्कूल जाना होता इसलिए उन्हें पहले खाना होता है"उन्होंने कहा "हमने घर के पुरुषों और महिलाओं की थालियों को देखा महिलाओं
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